PM-KUSUM Update 2026: किसानों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) से जोड़ने की दिशा में सरकार ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) और विद्युत वितरण निगमों के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक में योजना को तेज गति देने और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
पीएम-कुसुम योजना की समीक्षा बैठक में क्या हुआ?
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में पीएम-कुसुम योजना तथा राज्य के विद्युत वितरण निगमों (DISCOMs) की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को किफायती (Affordable) और आसानी से उपलब्ध सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए पीएम-कुसुम योजना बेहद अहम है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचना चाहिए और इसके क्रियान्वयन (Implementation) में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
डिस्कॉम्स को क्या निर्देश दिए गए?
मुख्य सचिव ने राजस्थान के सभी डिस्कॉम्स को निर्देश दिए कि पीएम-कुसुम योजना के तहत आवंटित लक्ष्यों को चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से पूरा करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि योजना की प्रगति की नियमित Monitoring की जाए और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।
मार्च 2026 तक क्या लक्ष्य रखा गया है?
बैठक में बताया गया कि पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत मार्च 2026 तक करीब 3,000 मेगावाट (3000 MW) क्षमता की सौर परियोजनाएं विकसित की जानी हैं।
इस लक्ष्य के पूरा होने से राजस्थान सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर सकता है और किसान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
किसानों को क्या होगा फायदा?
पीएम-कुसुम योजना से किसानों को कई तरह के लाभ मिलेंगे:
– सिंचाई के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध होगी
– डीजल पर निर्भरता कम होगी
– बिजली बिल में कमी आएगी
– अतिरिक्त बिजली बेचकर आय (Extra Income) का अवसर मिलेगा
यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection) दोनों में मददगार साबित हो रही है।
राजस्थान क्यों बन रहा है सौर ऊर्जा का हब?
राजस्थान में प्रचुर मात्रा में धूप उपलब्ध होने के कारण सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए यह राज्य बेहद अनुकूल माना जाता है। पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं से राजस्थान धीरे-धीरे विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा (Decentralized Solar Power) का हब बनकर उभर रहा है।
निष्कर्ष
पीएम-कुसुम योजना को लेकर सरकार की सक्रियता यह दिखाती है कि किसानों और स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। मार्च 2026 तक 3000 मेगावाट सौर परियोजनाओं का लक्ष्य पूरा होने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य की ऊर्जा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
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FAQs – पीएम-कुसुम योजना से जुड़े सवाल
Q1. पीएम-कुसुम योजना क्या है?
पीएम-कुसुम योजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़कर सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है।
Q2. इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ किसे मिलता है?
इस योजना का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिलता है, खासकर सिंचाई के लिए बिजली इस्तेमाल करने वाले किसानों को।
Q3. मार्च 2026 तक कितनी क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जाएंगी?
मार्च 2026 तक लगभग 3000 मेगावाट की सौर परियोजनाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
Q4. डिस्कॉम्स की भूमिका क्या है?
डिस्कॉम्स योजना के क्रियान्वयन, बिजली वितरण और लक्ष्यों की पूर्ति में अहम भूमिका निभाते हैं।
Q5. क्या पीएम-कुसुम योजना पर्यावरण के लिए फायदेमंद है?
हां, यह योजना Renewable Energy को बढ़ावा देती है और प्रदूषण कम करने में मदद करती है।